यह जो सफ़र है
जिंदगी का
जिस में मिलते हैं
लोग ,अपने लोग ,
कई रंग लिए
और कई मुखोटे
लगाए ,छलते हैं ,
और उतार कर रख
देते हैं मुखौटा, फिर
जिंदगी का
जिस में मिलते हैं
लोग ,अपने लोग ,
कई रंग लिए
और कई मुखोटे
लगाए ,छलते हैं ,
और उतार कर रख
देते हैं मुखौटा, फिर
दूसरे रंग में आ कर
दूसरा मतलब निकालते
हैं ,चिकनी चुपड़ी बातों
से बार-बार धोखा खाने
पर घायल विश्वास कहता है
बहुत बुरी है दुनिया ,
पर तभी अचानक
से कुछ प्यारे चेहरे
अपने निश्छल हृदय
की छोड़ जाते हैं
गहरी छाप मन पर ,
और गिरता हुआ
विश्वास फिर उठ कर
खड़ा हो जाता है नए
जोश के साथ और
कहता है मुस्कुराकर
बहुत अच्छी है दुनिया,।
दूसरा मतलब निकालते
हैं ,चिकनी चुपड़ी बातों
से बार-बार धोखा खाने
पर घायल विश्वास कहता है
बहुत बुरी है दुनिया ,
पर तभी अचानक
से कुछ प्यारे चेहरे
अपने निश्छल हृदय
की छोड़ जाते हैं
गहरी छाप मन पर ,
और गिरता हुआ
विश्वास फिर उठ कर
खड़ा हो जाता है नए
जोश के साथ और
कहता है मुस्कुराकर
बहुत अच्छी है दुनिया,।
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Poem
