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मैं वेबफा नहीं भाग 3

 


स्वाति एक्साइटेड हो उठी।वह उम्मीद करती थी... कि अमन इजहार करेगा ....पर इतनी जल्दी ...??..इसकी उसे उम्मीद नहीं थी ? 

उसे चुप देखकर अमन की आवाज आई:-" क्या हुआ? क्या नाराज हो गई ?"

नहीं तो!! स्वाति ने असमंजस में पड़ कर कहा।

"फिर बताओ !!डू यू लव मी ??अमन अधीरता से बोला।

स्वाति हिचकिचाई :-"पर …पर ....

अमन बहुत झुंझला कर बोला:- मैं कुछ नहीं सुनना चाहता । आई वान्ट लिसेन ओनली यस आर नो



स्वाति ने सोचा... कि कहीं अमन  नाराज न हो जाए !! उसके मुंह से अचानक निकला :-"यस !!

अमन हँस पड़ा और उसने फोन काट दिया। अब स्वाति और अमन ने प्यार के रास्ते पर कदम रख दिया था। दोनों निरंतर इस पथ पर आगे बढ़ते जा रहे थे...तभी एक दिन रात में जब वह अमन को फोन करके सोने ही जा रही थी....... कि एक अनजाने नंबर से फोन आया,:-" कैसी हो स्वाति?


स्वाति ने कहा:-"आप कौन ? 


उधर से आवाज आई :-"हम तुम्हारे चाहने वाले। हम तुम्हें इतना चाहते हैं और तुम हमें पहचान नहीं रही हो??.. मैं तुम्हें इतना चाहता हूं... कि तुम्हारे लिए आसमान के तारे भी तोड़ लाऊं!! 


"बकवास बंद करो !!स्वाति चिल्ला पड़ी :-"न तो मैं तुम्हें जानती हूं!! और न ही जानना चाहती हूँ !!! उसके बाद भी तुम बकवास किए जा रहे हो!!


" नहीं जानती हो ...तो जान जाओगी !!स्वाति उत्तेजित होकर कहने लगी :-"मैं अमन के सिवा किसी से प्यार नहीं करती हूं और न करूंगी। बस!


उधर से फोन कट गया ...उसने अमन को फोन पर बताया ..तो उसने हंसी में उड़ा दिया ।कहा कि किया होगा किसी ने मजाक। 


थोड़े ही दिनों के बाद स्वाति को जॉब मिल गई ......पर अमन को नहीं मिली थी। 

अमन दूसरे शहर  से अब उससे मिलने के लिए आने लगा था।

उनका प्यार परवान चढ़ रहा था। अमन ने और स्वाति ने एक दूसरे का साथ निभाने के हजार- हजार वादे किए थे। कसमें खाई थी। 


दोनों ने ही निश्चित कर लिया था कि चाहे जान भले ही दे दे पर और किसी दूसरे से शादी नहीं करनी है ।फिर एक दिन अचानक घर में जलजला सा गया था। स्वाति के पिताजी हाथ में कई तस्वीरें लिए खड़े थे।

" स्वाति !!!!! स्वाति !!!!उनकी क्रोधित आवाज गूंजी:/"ये क्या है। उन्होंने तस्वीरें मेज पर पटकते हुए कहा।



उसके अमन के साथ होटल में काफी पीते हुए ...पार्क में विभिन्न पोज में बैठे हुए... कई फोटो थे।  फिर अमन के अन्य कई अलग-अलग लड़कियों के साथ फोटो थे।


" पिताजी मैं ....,मैं .......स्वाति हकलाई।


"क्या मैं ,मैं ...उनकी गुस्से उफनती आवाज के एक ही प्रेशर में स्वाति ...रिमोट वाले खिलौने की तरह बक गई  :-"


पिताजी मैं अमन से बहुत प्यार करती हूं । मैं उसी से शादी करना चाहती हूं।


है कौन ये अमन !! कैसे अचानक वह तुम्हारा इतना अजीज बन बैठा ..कि जो तुम मुझसे ही जबान लड़ा रही हो। मां ,भैया ,बहन भी सब पिताजी की बोली बोल रहे थे।


बोल क्या रहे थे.!!!!!... स्वाति की जॉब लगने से उसकी सफलता से और अपनी असफलता से दुखी होकर यह उनकी ईर्ष्या बोल रही थी...क्योंकि हमेशा उन दोनों को ....स्वाति से नसीहत लेने की सलाह मिलती थी।


भैया भी बोला :-"यह अमन करता क्या है ?

स्वाति बोली :-"जॉब ढूंढ रहा है।

अम्मा हाथ नचाकर बोली :-"और जिंदगी भर ढूंढता ही रहेगा ।देखती नहीं अपने भाई बहन को!!उसे डांटने में भी वह अपने दोनों बेटे बेटियों को ताना मारने से नहीं चूक रही थी ।


पिताजी ने फैसला कर लिया ..जो लड़का इतना लूज कैरेक्टर है.. कि उसके अलग-अलग इतनी लड़कियों के साथ संबंध है !!!


स्वातिके जीवन का फैसला हो गया।स्वाति की जॉब  छोड़ कर घर बैठाने की बात आई ....लेकिन स्वाति इस बात पर तन कर खड़ी हो गई ...तो पिताजी ढीले पड़ गए ।


यह बात उसने अमन को बताई ...तो वह चौक पड़ा!!!!!

मेरा और लड़कियों से अफेयर !!!!वो कसम खा -खा कर अपनी सच्चाई बताता रहा !

स्वाति से कहा :-"तुम मेरे घर पर आओ और मेरे बारे में सभी बातें पता कर लो !!स्वाति दूसरे शहर में अमन के घर गई ।


अमन के मां-बाप छोटी बहन और अमन के छोटे से सुखी संसार में आकर स्वाति को ऐसा महसूस हुआ ...कि जैसे वह तपती धूप से आकर किसी शीतल छायादार वृक्ष के नीचे आकर बैठ गई है ।


अमन के पिता रिटायर्ड टीचर थे ।अमन पढ़ाई पूरी करके जॉब ढूंढ़ रहा था । छोटी बहन पढ़ाई कर रही थी। इतनी सारी, अमन के बारे में जो बातें थी ...वह सब निराधार निकली।

स्वाति को लगा कि कोई है जो षड्यंत्र रच रहा है ..और वह नहीं चाहता कि उसकी अमन से शादी हो ...लेकिन वह कौन हो सकता था ??अमन के मां बाप ने उसके साथ बेटी के समान प्यार और दुलार का व्यवहार किया ...वह उसने अपने मन में कोष के समान सुरक्षित रख लिया था ।


फिर अचानक कल ही स्वाति को यह पता चला कि उसकी शादी बिजनेसमैन विवेक आहूजा से हो रही है ।

और आज वह पूरे दिन अमन की प्रतीक्षा करती रही ...और अमन नहीं आया । उसने उसे धोखा दे दिया ...तो क्या उसके बारे में जो बातें थी वह सच थी ?? 


स्वाति ने रो-रो कर अपनी आंखें लाल कर ली थी ।पूरी रात भर वह रोती रही थी । वह मन ही मन में कह रही थी :-"तुमने ऐसा क्यों किया अमन ??यही करना था ..तो मुझे बता देते ..मैं स्वयं ही तुम्हारे रास्ते से चली जाती ।


और फिर कुछ ही दिनों के बाद उसकी शादी बड़ी धूमधाम से विवेक आहूजा के साथ हो गई।


क्रमशः **************************************

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